बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख मालवीय ने की चुनाव आयोग से पहले ही चुनाव की तारीख की घोषणा

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कर्नाटक चुनाव की घोषणा से पहले ही बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख मालवीय के ट्वीट को लेकर घमासान मचा हुआ है. इस संबंध में BJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री  मुख्तार अब्बास नकवी के नेतृत्व में चुनाव आयोग से मिलकर अपनी स्थिति स्पष्ट की.
इस प्रतिनिधिमंडल में BJP के महामंत्री  भूपेंद्र यादव और बीजेपी के प्रवक्ता अनिल बलूनी भी शामिल थे. चुनाव आयोग में अपनी सफाई देने के बाद केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पत्रकारों से बातचीत की. नकवी ने कहा कि मालवीय के ट्वीट से चुनाव आयोग को लेकर कई तरह के भ्रम पैदा हुए. 

उसके बारे में हमने चुनाव आयोग को स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग की गरिमा, चुनाव आयोग का सम्मान, चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता हमारे लिए महत्वपूर्ण है. उस पर किसी भी तरह से ना तो हमला किया जाना चाहिए और ना ही गरिमा को नुकसान पहुंचना चाहिए.

नकवी ने आगे बताया कि जो ट्वीट बीजेपी IT सेल के प्रमुख ने किया उसके बारे में भी चुनाव आयोग को स्पष्ट किया गया कि यह ट्वीट एक टेलीविजन चैनल पर चल रही सूचना के आधार पर था. इसका कोई मकसद नहीं था कि चुनाव आयोग की गरिमा को नुकसान पहुंचाया जाए.
नकवी ने साथ ही कांग्रेस पर भी हमला बोला. नकवी ने कहा कि इसी तरह का एक ट्वीट कांग्रेस के नेता का भी उसी समय पर आया था. मुख्तार अब्बास नकवी ने यह भी कहा यह ट्वीट टेलीविजन चैनल की सूचना के आधार पर किया गया, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए था.
बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव आयोग का पूरी तरह से सम्मान करती है. कांग्रेस के कर्नाटक के आईटी विभाग के प्रमुख श्रीवत्स का ट्वीट भी चुनाव आयोग की घोषणा से पहले आया था. बाद में उस ट्वीट की सफाई भी आई. 
उससे स्पष्ट है कि यह ट्वीट उन्होंने किया है. निश्चित तौर पर जो टीवी चैनल पर जो पहले से न्यूज़ चल रही थी उसके आधार पर यह सोशल मीडिया में ट्वीट हुए.कांग्रेस पार्टी हर छोटी-छोटी बात को बड़ा करके राई का पहाड़ बनाने की  कोशिश करती है.
आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने आज कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. लेकिन चुनाव आयोग से पहले ही तारीखें सार्वजनिक हो चुकी थीं. बीजेपी के आईटी सेल इंचार्ज अमित मालवीय ने पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी. 

जब चुनाव आयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, तो  उनके द्वारा तारीख बताने से पहले ही अमित मालवीय ने चुनाव तारीख के बारे में जानकारी दे दी. चुनाव आयोग ने इस मामले पर संज्ञान लेने की बात कही है. यही वजह रही कि बीजेपी नेताओं का डेलीगेशन अमित मालवीय के बचाव में पक्ष रखने चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा.

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