वित्तमंत्री के बजट पेश करने से पहले ही विपक्ष ने बजट को चुनावी बजट बताया

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आप को बता दे कि वित्त मंत्री अरुण जेटली आज 2018 का बजट पेश करने वाले हैं. सरकार से जुड़े लोग इसे आम जनता के हितों से जुड़ा बजट बता रहे हैं, तो वहीं विपक्षी दल इसे चुनावी बजट करार दे रहा है, और जुमलों की बारिश की बताया जा रहा है.

वहीं दूसरी तरफ बजट से एक दिन पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सरकार यह बजट लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पेश करेगी. ममता बनर्जी ने आगे कहा कि लोगो को घोषणाओं से लुभाया जायगा.

तृणमूल कांग्रेस की कोर समिति की बैठक के बाद उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार इस साल चुनावी बजट लेकर आ रही है. सबको पता है कि पिछले चार साल से सरकार कैसे चल रही है और वर्तमान में क्या हालात हैं. लेकिन इस साल वे एक चुनावी बजट पेश करने जा रहे हैं.

तृणमूल कांग्रेस दावा है कि हम चुनाव को देखकर बजट पेश नहीं करते. हमारा बजट उन्नतिशील होता है. यह हमेशा जनता के लिए होता है. हमारी सरकार के साथ क्या होगा यह जरूरी नहीं है, हम कभी भी जनता विरोधी कार्यक्रम नहीं लाते हैं.

दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस बजट को 'जुमलों की बारिश' वाला बताया. कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री आरपीएन सिंह ने बजट पेश होने के एक दिन पहले कहा कि एक बार फिर जुमलों की बारिश होगी. चार साल से देश ने जुमले ही सुने हैं, कल भी वही होगा.

उन्होंने आगे कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि इस बार किसानों और नौजवानों के लिए बजट में कुछ हो. 15 लाख रुपये का वादा, 2 करोड़ सलाना नौकरियां, पाकिस्तान से 56 इंच के सीने से निपटने की बात सिर्फ जुमाले ही साबित हुए.

आप को बता दे कि आज वित्तमंत्री अरुण जेटली आम बजट पेश करने वाले है. केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान जीडीपी ग्रोथ रेट 7 से 7.5 फीसदी के बीच रह सकती है.

वहीं वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान ग्रोथ रेट 6.75 फीसदी रहने का अनुमान है. लिहाजा, केन्द्र सरकार द्धारा पेश किए गए अर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक मौजूदा समय में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से भागने वाली अर्थव्यवस्था है.

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