
गणतंत्र दिवस पर भड़की हिंसा की आग रविवार को भी नहीं बुझ सकी. सुबह की घटना के बाद दिनभर तनाव भरी शांति बनी रही, लेकिन रात में उपद्रवियों ने सारी कोशिशों पर पानी फेर दिया मोहल्ला मनोटा में रात दस बजे बंद मकान में आग लगा दी गई. रेलवे रोड पर भी एक सैलून में आग लगाई, हालांकि इसे तुरंत बुझा दिया गया। शनिवार देर रात से रविवार रात तक शहर-देहात में छह जगह आग लगायी गयी.
हिंसा को लेकर शासन को भेजी गई खुफिया रिपोर्ट में कुछ विपक्षी नेताओं की ओर इशारा किया गया है रिपोर्ट के अनुसार चंदन गुप्ता के हत्यारोपियों को स्थानीय नेताओं का संरक्षण प्राप्त है दूसरी ओर ने प्रशासनिक नाकामी पर शासन ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है वहां हिंसा करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी.
मख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कासगंज में बिगड़े हालात को लेकर सख्त नाराजगी जताई है. रविवार देर रात इलाहाबाद से लखनऊ लौटने के बाद उन्होंने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को अपने आवास पर बुलाकर पूरी स्थिति की जानकारी ली. और पूरे मामले में सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए माना जा रहा है कि इस घटना को लेकर कुछ अधिकारियों पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है.
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगने की स्थिति में आरोपियों को जमानत मिलनी बहुत मुश्किल हो जाएगी रासुका तामील होने पर आरोपी को कम से कम तीन महीने के लिए जेल में रहना पड़ेगा हर तीन महीने पर हिरासत की मियाद को बढ़ाया जा सकता है. इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हिंसा में मारे गए युवक चंदन गुप्ता के परिजनों को 20 लाख रुपये की मुआवजा राशि देने का ऐलान किया है पीड़ित परिवार को सोमवार को यह मदद सौंपी जाएगी.