
गुरुग्राम के रेयान स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले प्रद्युम्न की हत्या के आरोपी जुवेनाइल की जमानत याचिका खारिज हो गई है. आप को बता दे कि जेजे बोर्ड ने भी जमानत याचिका खारिज कर दी थी.
गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जुवेनाइल आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बाल सुधार गृह भेज दिया था. आरोपी 16 वर्षीय छात्रा रेयान इंटरनेशनल स्कूल में ही 11 वीं में पढ़ता है.
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने पिछले साल 20 दिसंबर को आरोपी छात्र को वयस्क मानकर मुकदमा चलाए जाने का आदेश दिया था. सरकारी वकील ने कहा था कि वरिष्ठ क्लीनिक मनौवैज्ञानिक डॉ. जोगिंदर सिंह कायरो ने आरोपी के साथ पांच घंटे समय गुजारने के बाद मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार की थी.
सीबीआई ने इस केस की जांच हाथ में लेने के बाद केस को नया मोड़ देते हुए उसी स्कूल के छात्र को प्रद्युम्न की हत्या का आरोपी बनाया गया था.
इससे पहले इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने स्कूल के बस कंडक्टर अशोक कुमार को मुख्य आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया था. लेकिन सीबीआई ने अपने हाथ में जांच लेते ही केस को नया मोड़ दे दिया था.
सीबीआई ने जुवेनाइल को मुख्य आरोपी बनाया. अशोक के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं मिले थे. अशोक अब जमानत पर रिहा है. मृतक प्रद्युम्न के पिता ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में याचिका लगाई थी कि आरोपी को बालिग मानकर उसके खिलाफ केस चलाया जाए.
उसने जघन्य अपराध किया है. ऐसे अपराध विकृत और वयस्क मानसिकता के अपराधी ही कर सकते हैं, ऐसे में कोर्ट उसे बालिग मानकर अधिकतम सजा दिलाने का रास्ता साफ करे.