लम्बे समय के इंतजार के बाद आखिर गुजरात के सीएम के नाम पर बनी सहमिति

0050

 

गुजरात के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर बना सस्पेंस खत्म हो गया है. भाजपा ने एक बार फिर से राज्य के अगले मुख्यमंत्री के लिए विजय रुपाणी पर ही अपना भरोसा जताया है. विजय रुपाणी मुख्यमंत्री के पद पर बने रहेंगे.

गुजरात के अहमदाबाद में हुई विधायक दल की बैठक में विजय रुपाणी को नेता चुन लिया गया है. वहीं नितिन पटेल को विधायक दल का उपनेता चुना गया है. नितिन पटेल एक बार फिर राज्य के डिप्टी सीएम के तौर पर अपनी कुर्सी संभालेंगे.

आप को बता दे कि बीजेपी की संसदीय दल की तरफ से कल वित्त मंत्री अरुण जेटली अहमदाबाद गए थे. वहां उन्होंने विधायकों के साथ बैठक की. इस बैठक में विधयाको ने विजय रुपाणी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया.

वहीं विजय रुपाणी के नाम की मुख्यमंत्री के लिए घोषणा होने के बाद विजय रुपाणी ने कहा कि हम गुजरात की जनता की आशा व अपेक्षा पर खरा उतरेंगे. 

जनता के हर सपने को पूरा करके दिखाएंगे. आगे बोलते हुए विजय रुपाणी ने कहा कि चुनाव के दौरान कांग्रेस ने जाति व संप्रदाय का माहौल बनाया जिसे जनता ने नकार दिया.

विजय रुपाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मूलमंत्र सबका साथ सबका विकास की भावना से राज्य की साढे छह करोड जनता के विकास के लिए काम करेगी. 

आगे विजय रुपाणी ने कहा गुजरात में भाजपा 27  साल शासन करने का रिकार्ड बनाऐगी.  जनता ने 22  साल के शासन के बाद भी गुजरात की जनता ने एक बार फिर भारी बहुमत देकर भाजपा को चुना है.


कुछ ऐसा रहा रुपाणी का आरएसएस कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री तक का पूरा सफर 

आप को बता दे कि विजय रुपाणी ने अपनी राजनीति की शुरुआत काफी निचले स्तिर से शुरू की थी. एबीवीपी के छात्र कार्यकर्ता के रूप में उन्हों ने अपनी राजनीति की पारी शुरू की थी. 

इसके बाद वह राष्रींन य स्व यं सेवक संघ से जुड़ गए. इमरजेंसी के दौरान रुपाणी भी कई नेताओं की तरह 11 महीने के लिए जेल गए थे. लेकिन समय के साथ-साथ राजनीति पर उनकी पकड़ भी मजबूत होती चली गई.

रुपाणी 1978 से 1981 तक वह संघ के प्रचारक भी रहे. लेकिन उनकी राजनीति की पारी का सबसे अहम मोड़ उस वक्त  आया जब उन्होंकने 1987 में राजकोट नगर निगम के चुनाव में कार्पोरेटर के तौर पर जीत हासिल की. 

राजनीति की यह पहली ऐसी सीढ़ी थी जिस पर उन्हों ने कामयाबी हासिल की थी. इसके बाद वह ड्रेनेज कमेटी के चेयरमैन बने.

फिर उसके बाद रुपाणी 2006 से लेकर 2012  तक राज्यसभा के भी सदस्यस रह चुके हैं. 2013 में जिस वक्तत नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यसमंत्री थे उस वक्तच उन्हें  गुजरात म्यूनिसिपल फाइनेंस बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया था.

राजनी‍ति पर अच्छीी पकड़ की बदौलत ही उन्हें1 19 फरवरी 2016 को प्रदेश भाजपा का अध्यथक्ष बनाया गया.

इसी दौरान भाजपा के आरसी फालदू को कर्नाटक का राजयपाल बनाया गया जिसकी वजह से उन्हें  राजकोट पश्चिम की सीट से इस्तीमफा देना पड़ा था.

बाद में यहां से चुनाव लड़ने के लिए विजय रुपाणी को अधिकृत किया गया. 19 अक्टूेबर 2014 को उन्हों ने बड़े अंतर से कांग्रेस के नेता को हराया था. नवंबर 2014  में आनंदीबेन पटेल की सरकार में भी वह मंत्री बनाए गए थे. उन्हेंच ट्रांसपोर्ट, वाटर सप्लारई, लेबर एंड एंप्लाएमेंट विभाग सौंपा गया था.      

Add comment


Security code
Refresh