
दिल्ली से एक और हवस के पुजारी बाबा का पर्दाफाश हुआ है. एक और ढोंगी बाबा की पोल खुल गई है. रोहिणी के विजय विहार इलाके में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम से आश्रम चलाने वाला वीरेंद्र देव दीक्षित ने खुद को भगवान कृष्ण घोषित कर रखा था.
बुधवार को जब उसके आध्यात्मिक विश्वविद्यालय पर पुलिस ने छापेमारी की, तो उसके बाद में एक-एक कर हैरान कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं. शिकायतकर्ता ने बाबा का नाम वीरेंद्र देव दीक्षित बताया है.
हाईकोर्ट में वीरेंद्र देव दीक्षित के खिलाफ अर्जी लगाने वाली सीमा शर्मा का आरोप है कि बाबा ड्रग्स लेकर रोज 10 लड़कियों के साथ रेप करता था.
उसे न्यूड लड़कियों से मालिश कराने का शौक था. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में भी खुलासा हुआ है कि इस वहशी बाबा ने 16,000 महिलाओं के साथ संबंध बनाने का लक्ष्य रखा था. ऐसे में सभी के होश उड़े हुए हैं कि आखिर इस बाबा ने अब तक कितनी जिंदगियां बर्बाद कर दी हैं.
ढोंगी बाबा के खिलाफ याचिका दायर करने वाली राजस्थान की महिला उसके आश्रम में अनुयायी बनकर रह चुकी है. उसने अपनी चारों बेटियों को बाबा की भक्ति में उसके आश्रम में ही छोड़ दिया था.
जिसमें एक नाबालिग है. उसने अपनी मां को बताया कि बाबा ने उसके साथ भी रेप किया. उसके बाद महिला और उसके पति ने बाबा पर रेप का केस दर्ज कराया है.
महिला की याचिका पर आध्यात्मिक विश्वविद्यालय पर छापेमारी के बाद ढोंगी बाबा के सारे दुष्कर्मों से पर्दा उठ गया.
बाबा पर रेप सहित कई धाराओं में 11 मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस इन सभी की जांच कर रही है. इसमें पीड़ितों ने कृष्ण अवतार का ढकोसला समेत सारी बातें बताई हैं.
पीड़िताओं ने पुलिस को जब आपबीतियां सुनाई. तो सब लोग दंग रह गए. पीड़ित लडकियों के अनुसार यह बाबा हमेशा महिला शिष्यों के बीच ही रहना पसंद करता था.
आरोपी बाबा गोपियां बनाने के लिए लड़कियों को संबंध बनाने के लिए आकर्षित करता था. हाईकोर्ट के निर्देश पर आश्रम की जांच करने पहुंची महिला आयोग और पुलिस की टीम को कुछ वीडियो मिले, जिससे बाबा की काली करतूतों का खुलासा हुआ है.
आज सुबह साढ़े दस बजे वीरेंद्र देव दीक्षित को कोर्ट में पेश होना था लेकिन उसकी ओर से केवल वकील ही कोर्ट में पहुंचा. लड़कियों के रेप के आरोप को झुठलाते हुए कोर्ट में बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के वकील ने दलील दी कि आश्रम में रहने के लिए लड़कियों ने बाकायदा अदालती हलफनामा भर रखा है.
वकील की इस दलील पर कोर्ट ने सख्त नाराज़गी दिखाई और कड़े शब्दों में कहा कि क्या आप मज़ाक कर रहे हैं कि एक शख्स कोर्ट का हलफनामा बना कर लड़कियों को बंधक बना रहा है.
सुनवाई की शुरुआत में कोर्ट ने पूछा कि वीरेंद्र देव कहां हैं? कोर्ट के इस सवाल पर वकील ने कहा कि वो आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की ओर से पेश हुए हैं.
उन्हें बाबा वीरेंद्र देव के बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वह कहां हैं. वकील ने आगे कहा कि वो देश भर में जाते रहते हैं. इसके बाद कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा है तो बाबा के खिलाफ वारंट जारी करते हैं.
हालांकि कोर्ट ने ऐसा कुछ नहीं करा कोर्ट ने वारंट वाली बात सिर्फ बोली ही थी. फिलहाल वारंट जारी नहीं किया गया है. अदालत ने सीबीआई से कहा कि वो बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का पता लगाए.
गुरुवार को बाबा के आश्रम से 41 लड़कियों को छुड़ाया गया था. हालांकि, बाबा के कई समर्थक ऐसे भी हैं जिनका कहना है कि आश्रम में कोई गलत काम नहीं होता है.