
बॉलीवुड के महान अभिनेता और थिएटर के दिग्गज एक्टर माने जाने वाले शशि कपूर का सोमवार की शाम को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में लम्बी बीमारी के चलते निधन हो गया.
उनका शव अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पर रखा गया है. आज सुबह उनका शव कोकिलाबेन अस्पताल से उनके घर के लिए भेजा गया है. जानकारी के मुताबिक अब उनका शव शमशान घाट पहुंच चुका है.
शशि कपूर का पार्थिव शरीर सांताक्रूज के शमशान घाट पहुंच चुका है. थोड़ी देर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. इससे पहले उनका पार्थिव शरीर अस्पताल से सीधे 'जानकी कुटीर' ले जाया गया.
राज कपूर के पोते आधार जैन भी जानकी कुटीर पहुंचे. शशि के भतीजे ऋषि कपूर सोमवार की रात ही अपनी शूटिंग कैंसल कर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दिल्ली से मुंबई पहुंचे थे.
मुंबई पुलिस ने अस्पताल के बाहर सुरक्षा का अच्छा इंतजाम किया था. साथ ही साथ ट्रैफिक पुलिस को भी ब्रीफिंग दी गई थी कि जब अस्पताल से पार्थिव शरीर को ले जाया जाए तब मुंबई की सड़कों पर ट्रैफिक स्मूथ रखा जाए.
जानकारी के मुताबिक़ शांताक्रूज के शमशान घाट में दोपहर 12 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. शशि कपूर के निधन से अमिताभ बच्चन बेहद दुखी हैं. उन्होंने एक लंबा ब्लॉग लिख कर उन्हें याद किया.
शशि कपूर के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी सहित कई राजनीतिक और बॉलीवुड की हस्तियों ने शोक जताया है. बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी से सांसद हेमा मालिनी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शशि कपूर के निधन पर शोक व्यक्त किया.
आपको बता दे कि शशि कपूर ने हिन्दी फिल्म जगत में 160 फिल्मों (148 हिंदी और 12 अंग्रेजी) में काम किया. उनका जन्म 18 मार्च 1938 को कोलकाता में हुआ था.
60 और 70 के दशक में उन्होंने जब-जब फूल खिले, कन्यादान, शर्मीली, आ गले लग जा, रोटी कपड़ा और मकान, चोर मचाए शोर, दीवार कभी-कभी और फकीरा जैसी कई हिट फिल्में दी.
1984 में शशि कपूर की पत्नी जेनिफर की कैंसर से मौत के बाद शशि कपूर काफी अकेले रहने लगे थे और उनकी तबीयत भी बिगड़ती गई. बीमारी की वजह से शशि कपूर ने फिल्मों से दूरी बना ली. साल 2011 में शशि कपूर को भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था. 2015 में उन्हें दादा साहेब पुरस्कार भी मिल चुका था. कपूर खानदान के वो ऐसे तीसरे शख्स थे जिन्हें ये सम्मान हासिल हुआ था.