बीजेपी से मुकाबला करने के लिए सपा-बसपा ने 23 साल पुरानी दुश्मनी को भुलाकर यूपी में राज्यसभा चुनाव के लिए कमर कसा था. गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव के सियासी रणभूमि में बसपा ने सपा को समर्थन किया, तो बीजेपी चारो खाने चित हो गई. राज्यसभा चुनाव मतदान से पहले तक बीजेपी के खिलाफ विपक्ष का गठबंधन और मजबूत होता नजर आया.
बसपा को सपा, कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने समर्थन किया. इसके बावजूद बीएसपी अपने उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को नहीं जिता सकी. जबकि विपक्ष से कम वोट होने के बावजूद बीजेपी ने जीत हासिल कर सपा-बसपा से राज्य लोकसभा उपचुनाव में मिली हार का बदला ले लिया.