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पेट्रोल और डीजल में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण सरकार को पिछलें चार सालों में हुआ दोगुना फायदा

पिछले चार साल में मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल को दुधारू गाय की तरह इस्तेमाल किया है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद टैक्स बढ़ता रहा और इस वजह से पेट्रोलियम सेक्टर से सरकार का राजस्व चार साल में दोगुना हो गया. पेट्रोल-डीजल को केंद्र और राज्य सरकारें उसी तरह से टैक्स लगाकर भारी कमाई करने का साधन मानती रहीं, जैसा कि शराब में होता है.

मनमोहन सरकार के समय कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल थी और उस समय पेट्रोल पर कुल 43 फीसदी टैक्स लगता था. मोदी सरकार के कार्यकाल में तो ज्यादातर समय कच्चे तेल की कीमत नरम ही रही है. अब जाकर यह ऊपर की ओर बढ़ रही है.

मोदी सरकार के दौर में जनवरी, 2016 में तो कच्चे तेल की कीमत 28 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थी. जाहिर है सरकार ने उस दौर में बहुत अच्छी कमाई की और चाहती तो वह इस गिरावट का लाभ जनता को दे सकती थी. इसके उलट सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी ताकि कमाई ज्यादा से ज्यादा हो सके.

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प्रियंका चोपड़ा के रोहिंग्या कैंप का दौरा करने पर विनय कटियार ने कहा भारत छोड़ दो

यूएन एंबेसडर के तौर पर रोहिंग्या शरणार्थियों से बांग्लादेश में प्रियंका चोपड़ा के मिलने पर बीजेपी नेता विनय कटियार ने फिल्म अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को भारत छोड़ने को कहा है. रोहिंग्या शरणार्थियों पर कटियार ने कहा कि वे न सिर्फ दूसरों की जिंदगी छीन लेते हैं, बल्कि दूसरे लोगों का मांस भी खाते हैं. एक दिन भी खराब किए बिना उन्हें यहां नहीं रहने देना चाहिए. उन्हें इस देश से बाहर भगा देना चाहिए.

उन्होंने कहा, 'प्रियंका चोपड़ा को वहां नहीं जाना चाहिए था, ये उनका निजी फैसला हो सकता है. लेकिन ये सही नहीं है, जिन लोगों को रोहिंग्याओं से सहानुभूति है, उन्हें इस देश में रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. कटियार ने कहा कि रोहिंग्याओं ने बहुत सारे हिंदुओं को मारा है, इसलिए उनका जीना इस देश के लिए खतरनाक है.

प्रियंका ने यूनिसेफ की वैश्विक सद्भावना दूत के तौर पर बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए बनाए शिविरों का दौरा किया था. सोमवार को प्रियंका ने अपनी एक तस्वीर ट्वीट कर दौरे की जानकारी दी. उन्होंने लिखा- 'मैं यूनिसेफ फील्ड विजिट पर रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों के दौरे पर हूं. मेरे अनुभवों को जानने लिए मुझे इंस्टाग्राम पर फॉलो करें. बच्चे बेघर हो गए हैं, दुनिया को ख्याल रखने की जरूरत है. हमें ख्याल रखना चाहिए.'

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निपाह वायरस का कहर, केरल में एक और मौत सरकार ने सार्वजनिक सभाओं पर लगाई रोक

निपाह वायरस (एनआईपी) से गुरुवार की सुबह एक और मरीज की मौत के बाद केरल में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 12 हो गई है. एक निजी अस्पताल ने मूसा नाम के मरीज की मौत की पुष्टि की. इस अस्पताल में मूसा का इलाज चल रहा था। इस महीने की शुरुआत में उनके दो बेटों और एक रिश्तेदार का भी निधन हो गया था. यह लोग निपाह की चपेट में आने वाले पहले लोगों में शामिल हैं जिसकी पिछले हफ्ते सूचना दी गई थी.

इस बीच एनआईपी के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में गिरावट आई है लेकिन कोझीकोड के आयुक्त यू.वी.जोस ने 31 मई तक सभी सार्वजनिक सभाओं, ट्यूशन कक्षाओं सहित सभी प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों पर रोक लगा दी है. यह कदम लोगों को भीड़ व समूह में एक-दूसरे के संपर्क में आने से रोकने के लिए उठाया गया है.

स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को कहा कि पुणे में परीक्षण के लिए कुल 160 नमूने भेजे गए हैं. इसमें से 22 के परिणाम आए हैं, जिसमें से 14 में वायरस के होने की पुष्टि की गई है.

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दुनिया के महान क्रिकेटर एबी डिविलियर्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का किया ऐलान

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान और विस्फोटक बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने सभी को चौंकाते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया.

उन्होंने हाल ही में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ लीग में हिस्सा लिया था. क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक वह जुलाई में श्रीलंका के साथ होने वाली द्विपक्षीय सीरीज में नहीं खेलेंगे.

डिविलियर्स को मौजूदा समय के महान बल्लेबाजों में गिना जाता है. वह दक्षिण अफ्रीका के कप्तान भी रह चुके हैं. उन्होंने अपने देश के लिए 114 टेस्ट मैचों की 91 पारियों में 50.66 की औसत से 8765 रन बनाए हैं, जिसमें 22 शतक और 46 अर्धशतक शामिल हैं. टेस्ट में उनका सर्वोच्च स्कोर 278 है.

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कर्नाटक में कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में सभी विपक्षी दलों ने दिखाई एकजुटा

कर्नाटक में कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने विपक्ष के तमाम नेता पहुंचे और एकजुटता दिखाई. ऐसी विपक्षी एकता इससे पहले कभी नहीं देखने को मिली. ये नजारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के द्वारा लगाए गए आपातकाल के बाद कांग्रेस के खिलाफ जनता पार्टी के साथ आए दलों की याद ताजी करा रहा था.

लेकिन सवाल यह है कि विपक्षी नेताओं का ये साथ कितने दिनों तक रहेगा? क्या साल 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी के खिलाफ विपक्ष इसी तरह एकजुट होकर सामना करेगा या फिर उससे पहले ही अपने बोझों तले दबकर बिखर जाएगा?

मालूम हो कि कर्नाटक चुनाव नतीजों के बाद 21वें राज्य के रूप में बीजेपी ने सरकार बनाने के लिए कदम बढ़ाया, तो कांग्रेस-जेडीएस ने आपस में हाथ मिला लिया. इतना ही नहीं, विपक्ष के बाकी दल उनके समर्थन में खड़े हो गए.आपको बता दें कि कर्नाटक में 222 सीटों के लिए हुए चुनावों में बीजेपी को 104 सीटें मिलीं. कांग्रेस को 78 और जेडी(एस) को 37 और बहुजन समाज पार्टी को 1 सीट मिली थी.