
आधुनिक जीवन शैली की तेज रफ्तार एवं भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का विषय बहुत पीछे रह गया इसकी सबसे बड़ी वजह है खान पान और रहन सहन की गलत आदतें, आओ हम सेहत के इन् नियमों का पालन करके खुद भी स्वस्थ रहे lशरीर की हर कोशिका के जीवन के लिए कोलेस्ट्रॉल का होना आवश्यक है। क्त में कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा शरीर को तमाम प्रकार की बीमारियां दे सकती है। दिल की बीमारियों की बड़ी वजह कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य से अधिक होना है
कितना होना चाहिए कोलेस्ट्रॉल
6 मिलिमोल्स प्रति लिटर कोलेस्ट्रॉल को उच्च कोलेस्ट्रॉल की श्रेणी में रखा जाता है। इन हालात में धमनियों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
कैसे कम करें कोलेस्ट्रॉल
- मोटापे को जल्द करें कंट्रोल
- रोजाना 30 मिनट करें एक्सरसाइज
- साइकिलिंग, स्विमिंग, रनिंग या डांसिंग जैसे शौक रखें।
- ट्रांस फैट वाले फूड्स से रहें दूर।
- कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का करें सेवन।
ह्रदय रोगों के कुछ लक्षण
- अचानक सीने में दर्द दिल का दौरा पड़ने का संकेत हो सकता है I
- आपको एक या फिर दोनो हाथों, कमर, गर्दन, जबड़े या फिर पेट में दर्द और बेचैनी महसूस हो सकती है।
- आपको सांस की तकलीफ, ठंडा पसीना आना, मतली या चक्कर जैसे लक्षण हो सकते हैं।
- आपको व्यायाम या अन्य शारीरिक श्रम के दौरान सीने में दर्द हो सकता है जिसे एनजाइना कहते हैं। जो कि जीर्ण कोरोनरी धमनी की बीमारी (सी ए डी) के आम लक्षण हैं।
- लगातार सांस टूटने की अत्यधिक तीव्र तकलीफ दिल के दौरे की चेतावनी है।
(दोनों डॉक्टर सलाह के लिए यशोदा हॉस्पिटल, कौशाम्बी, गाजिआबाद में उपलब्ध हैं)