पुणे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने मिलकर देशभर में वामपंथी विचारकों के ठिकानों पर की छापेमारी

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भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में देश के कई हिस्सों में मंगलवार को पुणे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कई एक्टिविस्ट और माओवादी नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की. ये छापेमारी महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, दिल्ली और झारखंड में की गई. बता दें कि सभी छापेमारी पुणे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने एक साथ की.

पुणे पुलिस की ओर से अब तक कुल 5 गिरफ्तारियां की गई हैं. दिल्ली, हरियाणा और हैदराबाद से 1-1 गिरफ्तारी की गई जबकि मुंबई से 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया. दलित एक्टविस्ट गौतम नवलखा, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरिया और वरनोन गोंजालवेस गिरफ्तार किए गए लोग हैं.

गिरफ्तार किए गए दलित एक्टविस्ट गौतम नवलखा को दिल्ली के साकेत कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पुणे पुलिस ने उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लिया है. अब उन्हें पुणे ले जाया जाएगा. दूसरी ओर, वरवरा राव को हैदराबाद के गांधी अस्पताल में मेडिकल चेकअप के बाद नाम्पैली कोर्ट में उन्हें पेश किया गया. उनकी गिरफ्तारी के दौरान वहां काफी भीड़ एकत्र हो गई थी. मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील सुधा भारद्वाज को फरीदाबाद जिला अदालत में पेश किया गया. पुणे पुलिस ने उन्हें ट्रांजिक्ट रिमांड लिया है.

गौतम नवलखा की गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में हैबियस कार्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दाखिल की गई. हाईकोर्ट ने 4 बजे तक सुनवाई पूरी होने तक दिल्ली से बाहर ले जाने पर रोक लगा दिया.

पुलिस ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में भी इसी मामले को लेकर छापेमारी की. दिल्ली में पुलिस गौतम नवलखा को अपने साथ गाड़ी में बैठाकर ले गई, इसके अलावा उनके घर से लैपटॉप-कागजात को भी सीज किया गया. पुलिस ने गौतम नवलखा को साकेत कोर्ट में पेश किया. इसके अलावा ठाणे में अरुण फरेरिया के घर पर भी छापेमारी की गई.

वहीं, दिल्ली के बदरपुर में ही वकील सुधा भारद्वाज को भी हिरासत में लिया गया है. उनके भी लैपटॉप, फोन, पेन ड्राइव सीज किए गए हैं. पुलिस ने सुधा से उनके सभी ईमेल के एक्सेस देने को कहा है. सुधा के साथ-साथ उनकी बेटी अनु भारद्वाज के ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी भी मांगी गई है. यहां तक की पुलिस ने उनकी बेटी अनु के फोन के अलावा सोशल मीडिया में फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत सभी तरह के एक्सेज ले लिया है.

पुलिस ने हैदराबाद में कवि, वामपंथी विचारक और एक्टिविस्ट वरवरा राव के घर पर भी छापेमारी की, इस दौरान वहां पर काफी संख्या में भीड़ भी एकत्रित हो गई.