बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप

700

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) पर कहा कि विपक्षी दल इस मसले पर देश को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोटबैंक के चक्कर में बंगाली घुसपैठियों को बाहर करने का साहस नहीं दिखा सकी और अब सवाल उठा रही है. 

अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'जब सदन में मैंने एनआरसी पर अपनी बात रखनी चाही तो सदन नहीं चलने दिया गया. ये मेरे  लिए दुर्भाग्य की बात है कि मैं अपनी बात नहीं रख पाया. इसलिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी.'

शाह ने कहा, 'पिछले दो दिनों से देश में एनआरसी के उपर बहस चल रही है और यह कहा जा रहा है कि 40 लाख भारतीयों नागरिकों को अवैध घोषित कर दिया गया है जबकि वास्तविकता है कि प्राथमिक जांच होने के बाद जो भारतीय नहीं है उनके नाम NRC से हटाए गए हैं.'

शाह ने स्पष्ट तौर पर कहा कि जो अपने भारतीय नागरिक होने का एक भी सबूत नहीं दे पाए हैं, उन्हें रजिस्टर से बाहर किया गया है और जो भारतीय हैं उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है.

शाह के मुताबिक, 40 लाख का आंकड़ा कोई अंतिम आंकड़ा नहीं है, सुप्रीम कोर्ट के संरक्षण में पूरी जांच की जाएगी और उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा.'

अमित शाह के मुताबिक, 'असम एकॉर्ड जो राजीव गांधी जी की अध्यक्षता वाली सरकार के समय में हुआ था, NRC उसकी आत्मा है जिसमें व्याख्या की गई है कि एक-एक अवैध घुसपैठिये को चुनकर देश की मतदाता सूचि से बाहर किया जाएगा. 

लेकिन कांग्रेस अब उसी पर देश को गुमराह कर रही है. अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के अंदर बांग्लादेशियों को बाहर निकालने का साहस नहीं था, क्योंकि वोटबैंक जाने का खतरा था.