कर्नाटक में बहुमत साबित नहीं कर पाई बीजेपी, मात्र ढाई दिन चली येदियुरप्पा की सरकार

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बीएस येदियुरप्पा के लिए शनिवार का दिन बेहद खास था, लेकिन पिछले 5 दिनों से चल रही लंबी कवायद और जोर-आजमाइश के बाद कर्नाटक में बीजेपी सरकार ने फ्लोर टेस्ट का सामना नहीं किया और संख्याबल जुटाने से पहले इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया. हालांकि येदियुरप्पा ने अपने लंबे भाषण में आगे की कई रणनीति का जिक्र किया और फिर अंत में राज्यपाल के पास जाकर इस्तीफा सौंपने का ऐलान कर दिया.

 जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी साढ़े सात बजे गवर्नर वजुभाई वाला से मुलाकात करेंगे. वो कर्नाटक में सरकार बनाने का बहुमत भी पेश करेंगे. राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर बीजेपी पर जनादेश का अपमान करने का आरोप लगाया. येदियुरप्पा राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा. कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद ने न्यायपालिका को धन्यवाद किया.

मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने विपक्षी गठबंधन पर आरोप लगाया और राज्यपाल के पास जाकर इस्तीफा देने का ऐलान किया. इसके साथ ही ढाई दिन की सरकार ने फ्लोर टेस्ट का सामना किए बगैर ही सत्ता छोड़ने का ऐलान कर दिया. इस ऐलान के बाद कांग्रेस औ जेडीएस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल.

येदियुरप्पा ने कहा, ' जनता ने हमें 113 सीटें नहीं दी. अगर वह ऐसी करती तो राज्य में स्थिति बदल जाती, दूसरी तस्वीर होती. राज्य को ईमानदार नेताओं की जरुरत है. मेरे सामने आज अग्निपरीक्षा है. मैं फिर से जीत के आऊंगा. हम 150 से ज्यादा सीटें जीतेंगे. राज्य के हर क्षेत्र में जाऊंगा और जीतकर आऊंगा. राज्य में जल्द चुनाव होगा.

येदियुरप्पा ने कहा, 'कर्नाटक के किसान आंसू बहा रहे हैं. करीब 3,700 किसानों ने खुदकुशी की. जब तक जिंदा रहूंगा किसानों के हित के लिए काम करता रहूंगा. मैं किसानों को बचाना चाहता हूं. हमने मौके पर जाकर किसानों की मदद की.'

उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकार से नाराज लोगों ने उनके खिलाफ वोट दिया. गरीब किसानों को बेहतर जीवन मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह जनसेवा के लिए जीवन को समर्पित करना चाहते हैं.

मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने सदन में भाषण शुरू किया. उन्होंने कहा कि लोगों ने हमें सराहा. लोगों ने हमें बड़े प्यार से चुना है. मेरे पास 104 विधायक हैं. जनादेश कांग्रेस और जेडीएस के खिलाफ गया है. दोनों का गठबंधन अवसरवादिता है. जनादेश के खिलाफ दोनों एक हो गए.