राहुल गाँधी ने PNB घोटाले में सीधे तौर पर वित्त मंत्री अरुण जेटली पर बोला बड़ा हमला

1151

देश में बैंकिंग घोटाले पर राजनीति से लेकर आम आदमी के बीच तक चर्चा है. विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है और संसद की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न कर रहा है. सरकार जहां इस घोटाले से पल्ला झाड़ रही है और कांग्रेस की अगुवाई में बनी यूपीए की सरकार पर ठीकरा फोड़ रही है वहीं, विपक्ष बेरोकटोक जारी इस घोटाले के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है.

अब कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक खबर को साझा करते हुए ट्वीट किया है कि पीएनपी घोटाले पर वित्तमंत्री (अरुण जेटली) की चुप्पी से साफ है कि वे अपनी वकील बेटी को बचाना चाह रहे थे. इस ट्वीट में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को आरोपी ने एक महीने पहले ही बड़ी रकम दी थी.

यह रकम घोटाले के सार्वजनिक होने के एक महीने पहले ही दी गई थी. इस ट्वीट में यह भी पूछा गया है कि जब आरोपी से जुड़ी बाकी लॉ फर्म पर सीबीआई ने छापा मारा तब इस लॉ फर्म को क्यों छोड़ दिया गया.

आप को बता दें कि पीएनबी बैंक और अन्य बैंकों के अधिकारियों से मिलीभगत कर कुछ बड़े कारोबारियों ने नियमों की अनदेखी कर बैंकों से लोन लिया और उस पैसे को वापस नहीं किया. पीएनबी बैंक ने माना है कि कुछ लोगों की मिलीभगत से कुछ खातेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए ये घपला किया गया है.

बैंक का ये भी कहना है कि इस लेनदेन के आधार पर ऐसा लगता है कि दूसरे बैंकों ने भी विदेश में भी इन ग्राहकों को एडवांस दिए हैं यानी दूसरे बैंकों पर भी इसका असर पड़ सकता है. इसका असर अभी तक यह हुआ है कि बैंकिंग सेक्टर से जुड़े शेयरों में गिरावट चली आ रही है. 

उल्लेखनीय है कि पांच फरवरी को सीबीआई ने अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी, उनकी पत्नी, भाई और एक व्यापारिक भागीदार के खिलाफ वर्ष 2017 में पीएनबी के साथ 280.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था.

पीएनबी की शिकायत पर सीबीआई ने मोदी, उनके भाई निशाल, पत्नी एमी और मेहुल चिनूभाई चौकसी ने बैंक अधिकारियों के साथ साजिश में बैंक के साथ धोखाधड़ी करने और उसके गलत तरीके से नुकसान पहुंचने का केस दर्ज किया गया है.