आज जॉर्डन नरेश अब्दुल्ला बिन अल हुसैन तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आ रहे है

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जॉर्डन नरेश अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आ रहे हैं और मंगलवार की रात को दिल्ली पहुंचेंगे. पीएम मोदी के साथ गुरुवार को उनकी औपचारिक वार्ता होगी. दोनों देशों के बीच प्रतिरक्षा, आतंकवाद निरोध, सुरक्षा और निवेश जैसे कई महत्वपूर्ण मसलों पर बात होगी. 

सूत्रों के अनुसार जॉर्डन नरेश के इस दौरे में जोर इस बात पर होगा कि इस्लामिक स्टेट और अन्य चरमपंथी आतंकी संगठनों के असर से निपटने में भारत को मिली सफलता को रेखांकित किया जाए. आइए आप को बताते है कि उनकी इस यात्रा के क्या मायने हैं.

कुछ दिनों पहले ही पीएम मोदी जॉर्डन की राजधानी अम्मान होते हुए फिलीस्तीन की यात्रा पर गए थे. भारत उन इस्लामी देशों से अपने रिश्ते बढ़ा रहा है जो कट्टरता और आतंकवाद के खिलाफ माने जाते हैं. जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला आतंक विरोधी अभियानों में भारत के लिए काफी मददगार हो सकते हैं. कश्मीर मामले में भी जॉर्डन ने अब तक निष्पक्ष रवैया अपनाया है.

आप को बता दे कि किंग अब्दुल्ला द्वितीय पैगंबर मोहम्मद की 41वीं पीढ़ी से हैं और येरुशलम में स्थिोत इस्लाम के तीसरे सबसे पवित्र स्थल अल-अक्सा मस्जिद के संरक्षक हैं. उन्होंने इस्लाम के नाम पर चल रहे कट्टरपंथ को खत्म करने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास किए हैं. 

इस्लाम में आधुनिकीकरण के पैरोकार अब्दुल्ला इंडिया इस्लामिक सेंटर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 'उदार इस्लाम' पर विशेष व्याख्यान देंगे. सूत्रों के अनुसार जॉर्डन ने इस पर अध्ययन किया है कि आईएसआईएस और अन्य संगठनों के असर को कम करने में भारत कितना सक्षम रहा है. 

किंग अब्दुल्ला की भारत यात्रा के दौरान इस्लाम पर एक किताब का लोकार्पण भी किया जाएगा जो उनके चचेरे भाई प्रिंस गाजी बिन मोहम्मद ने लिखी है.
रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिहाज से देखें तो भारत और जॉर्डन एक प्रतिरक्षा समझौते पर बातचीत की प्रक्रिया में लगे हैं. अब्दुल्ला की यात्रा से यह कवायद तेज हो सकती है.