सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद भी चार राज्यों में रिलीज नहीं होगी पद्मावत फिल्म

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आप को बता दे की संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' तमाम विरोध और प्रदर्शन के बाद आज देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा के साथ ये फिल्म देशभर के 7000 स्क्रीनों पर रिलीज हो रही है.

बता दे कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के रिलीज से पहलें भी काफी विवाद हुआ. विवाद इतना हुआ कि फिल्म को सुप्रीमकोर्ट तक जाना पड़ा. बता दे कि फिल्म सुप्रीमकोर्ट तब पहुंची जब चार राज्यों में फिल्म को बैन लगा दिया था.

उसके बाद फिल्म मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली. उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म पर से बैन हटाते हुए राज्यों को सक्त आदेश दिया कि फिल्म को सुरक्षा मुहिया कराना राज्यों की ड्यूटी है.

सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद आज फिल्म पुरे देश में रिलीज हो रही है, लेकिन लगभग चार राज्यों में सिनेमाघरों के मालिकों ने इस फिल्म को दिखाने से मना कर दिया है. वहीं दूसरी तरफ सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद भी करणी सेना फिल्म का विरोध कर रही है.

इतना ही नहीं करणी सेना के कार्यकर्ता जगह-जगह हिंसा फैला रहे है. सिनेमाघरों में तोड़-फोड़ कर रहे है, गाडियों को आग लगा रहे है. और कल को दिल्ली से सटे गुरुग्राम में बच्चों से भरी हुई स्कूल बस पर पथर भी फेकें. जिसमें कई बच्चे घायल भी हो गयें है.

बता दे कि राजपूत समूह अभी भी फिल्म का कड़ा विरोध कर रहे हैं. वहीं पद्मावत फिल्म को लेकर लगभग 75 फीसदी मल्टीप्लेक्स मालिकों का प्रतिनिधित्व करने वाली मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा कि राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा में फिल्म का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा.

जबकि सुप्रीमकोर्ट ने फिल्म को लेकर सक्त आदेश दिया था कि फिल्म सेंसर बोर्ड से पास होकर आई है, इसलिए राज्य सरकार फिल्म को सुरक्षा मोहिया कराए,लेकिन सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद भी लोग इतना हंगामा कर रहे है और बसों और सिनेमाघरों को आग भी लगा रहे है.

अब सवाल यह उठता है कि क्या सुप्रीमकोर्ट से बड़े हो गये है करणी सेना जैसे दल क्या सरकार इनके आगे इतनी बेबस हो गयी है कि करणी सेना के कार्यकर्ता बच्चों से भरी स्कूल बस में तोड़-फोड़ करे और सरकार कुछ भी नहीं कर पाए. अब आगे देखना है कि राज्य सरकार इन करणी सेना और इसके जैसे हिंसा फैलाने वालोँ दलों पर क्या कार्यवाही होती है?