
फ्रांस और नीदरलैंड के बाद अब भारत भी सोलर रोड़ बनाने पर जोर दे रहा है. कुछ देशों की मदद से भारत में जल्द ही सोलर रोड़ का निर्माण शुरू हो जायगा. सोलर रोड़ में नीचें सोलर पैनल लगे होंगें और ऊपर वाहन दौडंगे.
सोलर रोड़ बनाने के लिए भारत में जल्द शोध शुरू कर दिया जायगा. काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए शोध में नीदरलैंड की मदद ली जायगी.
इसके लिए नीदरलैंड के साथ एमओयू भी किया गया है ताकि इस काम को पूरा करने में कम से कम समय लगें. बता दे कि भारत सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जोर दे रही है.
शोध पूरा होने के बाद, इसके बाद भारत में सोलर पैनल बनाने वाली
कंपनियों को सोलर टाइल्स बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. जलवायु परिवर्तन को देखते हुए दुनिया के अधिकतर देशों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम शुरू हो चुका है.
सोलर पैनलों का निर्माण तेज करने के साथ ही अब सोलर रोड बनाने की दिशा में कई देश कदम बढ़ा चुके हैं. इनमें फ्रांस एवं नीदरलैंड का नाम सबसे आगें है.
सोलर रोड बनाने वाले देशों की श्रेणी में शामिल होने के लिए भारत ने भी प्रयास शुरू कर दिया है. इसमें पहले चरण के लिए गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान में शोध किया जाएगा. इसके बाद फिर रोड का निर्माण शुरू किया जाएगा.
वैसे बहुत अधिक शोध करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि दुनिया के कई देशों में रोड का निर्माण हो चुका है. सोलर रोड़ पर वाहन दौड़ने से बिजली भी पैदा होगी, सोलर रोड बनाए जाने से कई फायदे होंगे.
राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के उप महानिदेशक संजय कुमार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन अस्तित्व में आया है. इसका मुख्यालय भी भारत में ही है. ऐसी स्थिति में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर से बेहतर करने की सबसे अधिक जिम्मेदारी भी भारत की है.
इसे देखते हुए सोलर रोड बनाने की दिशा में जल्द ही शोध शुरू किया जाएगा. बता दे कि आने वाला समय सोलर क्रांति का है. जलवायु परिवर्तन को देखते हुए आने वाले समय में अधिकतर चीजें सोलर आधारित होंगीं.