
आईपीएस अफसर भारती घोष ने पश्चिम मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक पद से तबादले के बाद पुलिस महानिदेशक सुरजीत कर पुरकायस्थ को अपना इस्तीफा सौंप दिया है.
बीते सप्ताह उनको पुलिस अधीक्षक के पद से हटा कर तीसरी बटालियन के कमांडेंट के तौर पर बैरकपुर भेज दिया गया था. हावर्ड से प्रबंधन में डिग्री लेने वाली भारती घोष पुलिस सेवा में जाने से पहले भारती घोष यहां कलकत्ता प्रबंधन संस्थान में शिक्षक रह चुकी हैं.
भारती घोष संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के तहत लगभग एक दशक तक कोसोवो व बोसनिया में काम कर चुकी हैं. उससे पहले उन्होंने खुफिया विभाग की महिला शाखा में भी अपने कामकाज के बूते विशिष्ट पहचान बनाई थी.
वे वर्ष 2011 में ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भारती घोष संयुक्त राष्ट्र मिशन से लौटी थीं. यहां आने के बाद उनको पश्चिम मेदिनीपुर व झाड़ग्राम का पुलिस अधीक्षक बनाया गया था.
आप को बता दे कि भारती घोष को ममता और सत्तारूढ़ पार्टी का करीबी समझा जाता है. इसी वजह से बीते साल विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग के निर्देश पर उनको पद से हटा दिया गया था. लेकिन चुनाव बाद उन्हें पुन: उसी जिले का एसपी बना दिया गया था.
ममता के झाड़ग्राम दौरे के दौरान भारती ने उन्हें जंगलमहल की मां की संज्ञा दी थीं. हाल में संपन्न हुए उपचुनाव में भले मानस की पत्नी ने तृणमूल उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की, लेकिन भाजपा का मत प्रतिशत बढ़ने के बाद मानस ने ममता बनर्जी से भारती की शिकायत कर मुकुल से साठगांठ का इशारा किया था.
जिसके बाद 24 दिसंबर को चुनाव परिणाम घोषित होने के एक दिन बाद ही भारती का तबादला कर दिया गया. भारती घोष तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए मुकुल राय की भी करीबी मानी जाती हैं, संभवत: इसीलिए उनका तबादला किया गया है.