आज पुरे देश में डॉक्टरों की हड़ताल, विधेयक को लेकर सरकार और डॉक्टरों के बीच तना-तनी

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आज देश भर में डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे है. नेशनल मेडिकल कमीशन बनाने के सरकार के नए प्रस्ताव के खिलाफ आज इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े  देशभर के करीब 3 लाख डॉक्टर हड़ताल कर रहें है.

बता दे कि आज प्राइवेट से लेकर सरकारी अस्पतालों के ओपीडी ठप रहेंगे. सरकार इस कमीशन के लिए मंगलवार को बिल ला रही है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर यह बिल पास हुआ तो मेडिकल के इतिहास में काला दिन होगा. 

डॉक्टरों का कहना है कि इसकी वजह से इलाज महंगा होगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा. इस बिल के लागू होने से निजी मेडिकल कॉलेजों पर सरकार का शिकंजा मज़बूत होगा.

आप को बता दे कि इंडियन मेडिकल काउंसिल को नेशनल मेडिकल कमीशन बिल 2017  के प्रावधानों से एतराज है. नए बिल के मुताबिक अब तक प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 15%  सीटों का फीस मैनेजमेंट तय करती थी. 

लेकिन अब नए बिल के मुताबिक मैनेजमेंट को 60% सीटों का फीस तय करने का अधिकार होगा. डॉक्टरों का कहना है कि अगर ऐसा होता है तो भ्रष्टाचार बढ़ेगा.

बता दे कि इससे पहलें 130 सदस्य होते थे और हर राज्य से तीन प्रतिनिधि होते थे, लेकिन नए बिल के मुताबिक कुल 25 सदस्य होंगे. जिसमें राज्यों से केवल 5 प्रतिनिधि होंगे.

वहीं दूसरी तरफ आयुष को ब्रिज कोर्स करवाकर इंडियन मेडिकल रजिस्टर में शामिल करने का भी प्रावधान है जो एमबीबीएस के लगभग बराबर होगा. आयुष को ब्रिज कोर्स करवाकर इंडियन मेडिकल रजिस्टर में शामिल करने का भी प्रावधान है.

यह कोर्स एमबीबीएस के लगभग बराबर होगा. साथ ही साथ एमबीबीएस के बाद भी प्रैक्टिस करने के लिए एक और परीक्षा देनी होगी. वहीं पहले यह परीक्षा विदेशों से एमबीबीएस करने वालों को देनी होती थी. लेकिन अब नए बिल में उनको इस एग्जाम से छूट है. वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के  नेशनल प्रेसिडेंट का कहना है कि लगातार बातचीत के बावजूद भी हमारी बात अब तक नहीं सुनी गई. 

आगे उन्होनें कहा कि कई जगहों पर मेडिकल के छात्र पूरे देश में अनशन पर हैं और हमारे तीन लाख डॉक्टर भी हड़ताल कर रहे है. लेकिन उनका कहना है कि इमरजेंसी सेवा बाधित नहीं होगी पर ओपीडी बंद रहेगा.