तीन बच्चों के कातिल चाचा ने कुरुक्षेत्र जेल में लगाई फाँसी

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तीन मासूम बच्चों  की हत्याा करने वाला चाचा अपने पाप की आग को खुद न सह सका. जेल में बंद सारसा गांव के जगदीप मलिक ने जेल के बाथरूम में गले में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली. जगदीप अपने भाई के ही तीन बच्चोंु को घुमाने के बहाने मोरनी ले गया था.

बता दे कि वहां जंगल में उनकी हत्यार कर दी थी. और इस घटना को उसने अपने भाई के अवैध संबंध के कारण अपने भाई के कहने पर ऐसा किया था.

आप बता दे कि इस खुनी दरिन्दे पर जायदाद के लिए छोटे भाई की हत्याा करने का भी आरोप था. और इस खुनी का बच्चों की हत्या में साथ देने वाला बच्चों का पिता भी इसी जेल में बंद है.

कुरुक्षेत्र जेल में बंद जगदीप मलिक बाथरूम गया था, लेकिन वह काफी देर तक बाहर नहीं आया. तो इसके बाद जेलकर्मी अंदर पहुंचे. तो वहां उसका शव लटका देख इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी. सूचना के बाद जेएमआइसी अरविंद कुमार व पुलिस मौके पर पहुंचे.

जगदीप मलिक जेल के ब्लॉक नंबर पांच स्थित कमरा नंबर दो में बंद था. वह 4 दिसंबर से वहां बंद था. पुलिस के अनुसार, जगदीप अपने भतीजे समीर, समर व भतीजी सिमरन को घुमाने के बहाने घर से ले गया था.

वहां उन्‍हें मोरनी के जंगल में ले गया था और वहीं उनकी गोली मार कर हत्याे कर दी थी. बता दें कि 18  नवंबर 2017 को जिला कुरुक्षेत्र के गांव सारसा से तीन बच्चे लापता हुये थे. 

21  नवंबर की सुबह तीनों बच्चों के शव जिला पंचकूला के मोरनी हिल्स इलाके में सुनसान जगह से बरामद हुए थे. इसके अलावा जगदीप ने जमीन के लिए अपने छोटे भाई बलविंद्र की हत्या करना भी कबूला था.