
राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मुद्दा उठाया. राज्यसभा में नरेश अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ चपरासी जैसा सलूक करतें है.
आप को बता दे कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के उपराज्यपाल में चल रही खींचतान अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है.
वहीं दूसरी तरफ इस मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल को संसद में विभिन्न विपक्षी दलों का साथ भी मिल रहा है. राज्यसभा में चार पार्टियों ने दिल्ली में इन दोनों के बीच चल रही खींचतान को खत्म करने की मांग की.
समाजवादी पार्टी ने तो यहां तक कह दिया कि केंद्र सरकार के एलजी चीफ मिनिस्टर अरविंद केजरीवाल के साथ चपरासी की तरह व्यवहार करते हैं.
वहीं नॉएडा से कालिंदी कुंज मार्ग पर दिल्ली मेट्रो रेल सेवा के उद्घाटन समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आमंत्रित नहीं करने और दिल्ली सरकार को अधिकार देने का यह मुद्दा राज्यसभा में विपक्षी दलों ने उठाया.
उच्च सदन में दिल्ली विशेष उपबंध संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सपा के नेता रामगोपाल यादव ने दिल्ली मेट्रो की एक महत्वपूर्ण सेवा के उद्घाटन में दिल्ली के मुख्यमंत्री को नही बुलाने को गलत परंपरा की शुरुआत बताया.
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के नदीमुल हक ने यह मुद्दा उठाते हुए इसे ‘ओछी राजनीति’ का नतीजा बताया. संसद में अरविंद केजरीवाल को विपक्ष का पूरा साथ मिल रहा है.
विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है. कि मजेंटा लाइन पर उत्तर प्रदेश में मेट्रो के रेलखंड के उद्घाटन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था.
उन्होंने सदस्यों से अनुरोध किया कि वे मेट्रो के चौथे चरण के लंबित पड़े प्रस्ताव को दिल्ली सरकार द्धारा जल्द भेजने को कहें जिससे उस पर काम शुरू हो सकें.
पुरी द्धारा चर्चा का जवाब देते समय उप सभापति पी जे कुरियन ने उनसे कहा कि सरकार को उपराज्यपाल बनाम मुख्यमंत्री के विवाद पर जल्द कानूनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए. पुरी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित कर इस विवाद का स्थायी समाधान निकालेंगे.