
देश का सबसे बड़ा घोटाला माने जा रहे 2G स्पेक्ट्रम केस में कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरकारी वकील आरोप साबित नहीं कर पाए.
जज ओपी सैनी ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा है कि दो पक्षों के बीच पैसे का लेन देन हुआ है.
2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के पहले मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और द्रमुक सांसद कनिमोड़ी समेत सभी आरोपी तीनों मामलों में बरी हो गए हैं. फैसला आते ही कोर्टरूम तालियों से गूंज उठा. बताया जा रहा है कि सबूतों के अभाव में सभी अरोपियों को बरी किया गया है.
आपको बता दे कि कोर्ट के फैसले से पहले परिसर में भारी भीड़ थी. जज सैनी ने भीड़ के चलते आरोपियों के कोर्ट न पहुंच पाने के चलते कार्यवाही स्थगित कर दी. फिर जब दोबारा कार्यवाही शुरू हुई. तो उन्होंने अपने एक लाइन के फैसले में कहा कि सरकारी वकील आरोप साबित करने में नाकाम रहे हैं.
इस दौरान कनिमोझी और ए राजा के समर्थक कोर्ट में मौजूद रहे. फैसला आते ही कोर्ट में तालियां बज उठी. बता दे कि यह 2G घोटाला यूपीए सरकार के समय का सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा था.
वहीं कोर्ट का फैसला आने के बाद पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह ने इस फैसले पर ख़ुशी जताते हुए कहा कि हम कोर्ट के इस फैसले का सम्मान करते है.
इस मुद्दे पर आगे बोलते हुए डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा यूपीए सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार साबित हुए हैं. मुझे खुशी है कि अदालत ने कहा है कि यूपीए सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर बिना किसी आधार के आरोप लगाए गए थे.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बफल ने भी इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि आज मेरी बात सिद्ध हो गई. कोई भ्रष्टानचार नहीं हुआ,. कोई घाटा नहीं हुआ है. अगर कोई घोटाला है, तो झूठ का घोटाला है.
आगे बोलते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि यह घोटाला विपक्ष और विनोद राय के झूठ का घोटाला है. कोर्ट का फैसला आने के बाद विनोद राय को सामने आकर देश की जनता से अपनी गलती के लिए माफी मांगनी चाहिए.
दूसरी ओर राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने यह मामला उठाया है. हालांकि राज्यसभा चेयरपर्सन वेंकैया नायडू ने कहा कि ये हाउस के बाहर का मामला है. इस पर बहस नहीं हो सकती. विपक्ष नेता इस मसले पर हंगामा करते हुए वेल में घुस गए.